रामनवमी जुलूस के बहाने हिंदू समाज ने दिखाई अपनी एकजुटता व ताकत

Banka bihar
बांका : रामनवमी जुलूस के बहाने बांका में हिंदू समाज ने अपनी एकजुटता और ताकत का एहसास कराया. यह जुलूस अपने आप में ऐतिहासिक रहा. बेहिसाब भीड़ के बावजूद इस हथियारबंद जुलूस ने अद्भुत एकजुटता और अनुशासन की भी मिसाल पेश की. जुलूस की तैयारियों को लेकर संपूर्ण बांका शहर में उत्सव और उल्लास का माहौल रहा. ऐसे भी रामनवमी यहां किसी राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया गया. रामनवमी के अवसर पर पहली बार यहां कुछ इस तरह माहौल रहा, मानो यह एक राष्ट्रीय त्योहार हो. जय श्रीराम और जय हनुमान के साथ भारत माता के जयकारे के साथ इस त्यौहार पर हर तरफ कायम हर्षोल्लास अद्भुत अनुभव पेश कर रहा था.
Ramnavmi hindu
रामनवमी जुलूस इस पर्व पर बड़े हर्ष और उल्लास का पैमाना साबित हुआ. दसियों हजार से ज्यादा लोग इस दिन इस जुलुस में शामिल हुए. भगवा झंडे से पटे इस शहर में जब रामनवमी जुलूस निकला तो मानो पूरा शहर सड़कों पर निकल आया. सड़कों किनारे दोनों तरफ लोग इस जुलूस का स्वागत करने को तैयार खड़े थे. कहीं पेयजल और शरबत तो कहीं मिठाई का बंदोबस्त था. इत्र और फूलों की पंखुड़ियों जुलूस के ऊपर  बरसायी जा रही थी. जुलूस में शामिल लोगों के हाथों में दंड, तलवार, फरसा, कटार और खुकरी जैसे पारंपरिक हथियार थे. मानो जुलूस में आम लोग नहीं राम भक्तों की सेना चल रही हो. इस जुलूस में क्या छोटे और क्या बड़े, समाज के हर वर्ग के लोगों ने समान रूप से हिस्सा लिया. राजनीतिक प्रतिबद्धता मिट गई और प्रायः सभी दलों के लोग इसमें शामिल हुए.
Banka Bihar
संपूर्ण बांका शहर में भ्रमण करते हुए इस जुलूस का समापन देर शाम हुआ. रामनवमी जुलूस के साथ यह पूरा माहौल एक नया संदेश दे गया. जुलूस को लेकर यहां कहने भर को प्रशासनिक सुरक्षा इंतजाम थे. दो- चार आरक्षियों और एक- दो अफसरों के भरोसे जुलूस को नियंत्रित करना संभव नहीं था. लेकिन जुलूस स्वयं कुछ इस तरह नियंत्रित और अनुशासित थी, जिसकी भविष्य में मिसाल पेश पेश की जाएगी.
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