जिला प्रशासन को है नीरा से गुड़ बनाने की संभावनाओं की तलाश
बांका : बांका जिला प्रशासन जिले में नीरा से गुड़ बनाने की संभावनाओं की तलाश कर रहा है. जिले में ताड़ के पेड़ों की गणना पूरी हो चुकी है. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बांका जिले में 5 लाख से ज्यादा ताड़ के पेड़ हैं. जिले में नीरा से गुड़ बनाने के उद्योग को बढ़ावा देने के लिए यह संख्या पर्याप्त मानी जा रही है. फलस्वरुप आगे की तैयारियों के लिए इसके विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जा रही है.
इस सिलसिले में जिलाधिकारी डॉ निलेश देवरे की अध्यक्षता में जिले के गुड़ मिल मालिकों की एक बैठक बुलाई गई तथा नीरा से गुड़ बनाने की संभावनाओं के विभिन्न पहलुओं पर विचार विमर्श किया गया. उपस्थित गुड़ मिल मालिकों ने कहा कि यदि पर्याप्त मात्रा में नीरा उपलब्ध हो और कारीगरों को समुचित प्रशिक्षण मिले तो यहां नीरा से गुड़ बनाया जा सकता है. इससे जिले को राजस्व की प्राप्ति के साथ साथ रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे.
जिलाधिकारी डॉ निलेश देवरे ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार के निर्देश पर बांका जिले में ताड़ के पेड़ों की गणना कराई गई है. उपलब्ध आरंभिक जानकारी के मुताबिक बांका जिले में 5 लाख से ज्यादा की संख्या में ताड़ के पेड़ हैं. उन्होंने जिले के उत्पाद अधीक्षक को इस संबंध में विभागीय सचिव से शीघ्र पत्राचार करने का निर्देश दिया ताकि सरकार द्वारा संचालित इस योजना को बांका जिले में भी शीघ्रता जमीन पर उतारा जा सके. इस मौके पर गन्ना मिल मालिकों ने जिला प्रशासन से कहा की बांका जिले में गन्ना अनुसंधान केंद्र स्थापित किया जाना चाहिए ताकि यहां भी गन्ना के बेहतर किस्म की खेती संभव हो सके. इससे उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा. जिले में कुछ वर्ष पूर्व तक 80 गुड़ मिल हुआ करते थे जबकि अब एक दर्जन से ज्यादा चालू हालत में नहीं है.

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